‘‘मैं बहुत मुश्किल से इस कारवां को इस स्थिति तक लाया हूं जहां यह आज दिखाई दे रहा है। इस
कारवां को आगे बढने ही देना है, चाहे कितनी ही बाधाएं, रूकावटें या परेशानियो इसके रास्ते में क्यो न आएं। यदि मेरे लोग, मेरे सेनापति इस कांरवा को आगे नही ले जा सकें, तो उन्हें इसे यही, इसी दशा में छोड़ देना चाहिए, पर किसी भी हालत में कारवां को पीछे मोड़ने की अनुमति नही मिलनी चाहिए।‘‘
उन्होने कहा,‘‘ यही मेरा संदेश है और संभवतः अपने लोगो के लिए अंतिम सन्देश है , जिसे मै पूरी गंभीरता से दे रहा हूं और मै निश्चिंत हूं कि इसकी अनसुनी नही होगी। जाओ और उन्हें बता दो,जाओ और उन्हे बता दो , जाओ और उन्हें बता दो।‘‘ उन्होनें तीन बार दुहराया।
‘‘मैं बहुत मुश्किल से इस कारवां को इस स्थिति तक लाया हूं जहां यह आज दिखाई दे रहा है। इस कारवां को आगे बढने ही देना है, चाहे कितनी ही बाधाएं, रूकावटें या परेशानियो इसके रास्ते में क्यो न आएं। यदि मेरे लोग, मेरे सेनापति इस कांरवा को आगे नही ले जा सकें, तो उन्हें […]
