कुलदीप रावत
देहरादून – इन दिनों सोशल मीडिया अनगाइडेड मिसाइल बनता जा रहा है जिसका साइड इफेक्ट यह हो रहा है सोशल मीडिया के माध्यम से फेक न्यूज़ झूठी खबरें प्रसारित हो जाती हैं और इनका दूरगामी परिणाम देखने को मिलता है गलत खबर चले जाने से कई बार नौबत दंगा भड़क जाने तक आ जाती है पूर्व में राजधानी देहरादून में ही कश्मीरी छात्रों के देश विरोधी टिप्पणी करना एक इसका जीता जागता उदाहरण है इन्हीं सभी बढ़ती घटनाओं को लेकर देहरादून पुलिस कप्तान ने झूठी खबरों की रोकथाम के लिए एक गोष्ठी का आयोजन किया गया
पुलिस लाइन देहरादून स्थित सभागार में वाटसअप्प पर फेक न्यूज की रोकथाम हेतु डिजिटल इम्पावरमेंट फाउंडेशन नई दिल्ली के तत्वाधान से एक कार्यशाला आयोजित की गई। उक्त कार्यशाला का उद्देश्य वतर्मान समय में सोशल मीडिया (वाटसअप्प के माध्यम से ) पर प्रचारित होने वाली फेक न्यूज/ अफवाह/ साम्प्रदायिक मैसेजों की रोकथाम हेतु पुलिस अधिकारी/कर्मचारीगणों को जानकारी देना था। डिजिटल इम्पावरमेंट फाउंडेशन नई दिल्ली संस्था के सोशल मीडिया विशेषज्ञ रवि गुरिया द्वारा पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी गणों को कार्यशाला के दौरान जानकारी देते हुए बताया गया कि जो मैसेजे वाटसअप्प के माध्यम से प्रसारित किये जाते है, कैसें उनकी सत्यता का पता लगायें एवं कैसे असत्य संदेशों को आगे प्रसारित होने चाहिए

कार्यशाला के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक निवेदिता कुकरेती द्वारा उपस्थित पुलिस अधिकारी/कर्मचारीगणों को सम्बोधित करते हुए बताया गया कि आजकल लोगों द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफार्मों का प्रयोग करते समय प्रचारित होने वाले वीडियो/ फोटो/ संदेश की बिना सत्यता जांचे उनको आगे प्रसारित कर दिया जाता है या उन्हें इस बात की जानकारी नही होती कि उक्त वीडियो/ फोटो/ संदेश की सत्यता की जांच हम किन माध्यमों से कर सकते है। इस कार्यशाला को आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य उपस्थित पुलिस कर्मियों को ऐसे माध्यमों की जानकारी देना है, जिससे हम उन फेक वीडियो/ फोटो/ संदेश की जांच कर उन्हें प्रचारित प्रसारित होने से रोक सकते है अथवा उनका खंडन कर सकते है।
