उधमसिंह नगर –ठिठुरन भरी ठंड ने लोगों को अलाव पर हाथ सेंकने को आखिर मजबूर कर ही दिया। यह ठंड का ही प्रकोप रहा कि हाथ-पैरों में चींटी काटने जैसा महसूस हुआ। धीरे-धीरे जाती ठंड को देख लोग कम गर्म कपड़ों में नजर आने लगे थे, लेकिन अचानक ही लौटती ठंड ने उन्हें दोबारा गर्म कपड़े पहनने के साथ ही बच्चों को घर में कैद होने को मजबूर कर दिया।
धार्मिक मान्यता है कि लोहड़ी और मकर संक्रांति के बाद शीतकालीन मौसम जाने लगता है और लोग बसंत आने की तैयारी में जुट जाते हैं। हालांकि मकर संक्रांति के बाद ठंड का प्रकोप कम भी हुआ और लोग गर्म कपड़ों से किनारा भी करने लगे, लेकिन अचानक ही ठिठुरन भरी ठंड की पुन: दस्तक ने लोगों को परेशान कर दिया।
इस ठंड का कारण पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी को माना जा रहा है। जो लोग ड्यूटी के लिए बाइकों से निकल रहे थे, रविवार को वह भी बाइक छोड·ऱ बसों में चढ़ते-उतरते नजर आए। सुबह 11 बजे तक आसमान में हल्की धुंध रही। शीत लहर और धुंध से बढ़ती ठंड से बचने के लिए लोग जगह-जगह अलाव पर हाथ सेंकते नजर आए। हालांकि नगर निगम ने भी लोगों को ठंड से बचाने के लिए जगह-जगह अलाव लगाने को लकड़ी की व्यवस्था की हुई है।
उधमसिंह नगर –ठिठुरन भरी ठंड ने लोगों को अलाव पर हाथ सेंकने को आखिर मजबूर कर ही दिया। यह ठंड का ही प्रकोप रहा कि हाथ-पैरों में चींटी काटने जैसा महसूस हुआ। धीरे-धीरे जाती ठंड को देख लोग कम गर्म कपड़ों में नजर आने लगे थे, लेकिन अचानक ही लौटती ठंड ने उन्हें दोबारा गर्म कपड़े […]
