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Wednesday, 19 August 2026
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- उत्तराखंड

वन अधिनियम 1980 के मानकों में छूट दिए जाने की मांग

भाजपा के देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी ने केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात कर वन अधिनियम 1980 के मानकों में छूट दिए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि वन अधिनियम की वजह से राज्य के सीमांत क्षेत्रों में सड़कों का निर्माण अटक गया है। गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय वन […]

भाजपा के देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी ने केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात कर वन अधिनियम 1980 के मानकों में छूट दिए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि वन अधिनियम की वजह से राज्य के सीमांत क्षेत्रों में सड़कों का निर्माण अटक गया है। गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय वन पर्यावरण मंत्री से मुलाकात के दौरान विधायक विनोद कंडारी ने कहा कि वन अधिनियम 1980 की वजह से राज्य में कई स्थानों पर सड़कों का निर्माण नहीं हो पा रहा है। उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र देवप्रयाग की तीन सड़कों का जिक्र करते हुए कहा कि इस वजह से एक बड़ी आबादी को सड़क की सुविधा से वंचित रहना पड़ रहा है। उन्होंने चंद्रबदनी कांडीखाल, चुन्नीखाल- नौड़ा- तेगड़ मार्ग और चौंरीखाल- सिरवाड़ी- कांडा मार्ग का जिक्र करते हुए कहा कि इस वजह से लंबे समय से इन सड़कों को स्वीकृति नहीं मिल पा रही है जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से अनुरोध किया कि वन अधिनियम के मानकों में छूट प्रदान कर राज्य के सीमांत क्षेत्रों में सड़कों का निर्माण कराया जाना चाहिए।
विधानसभा में उठ चुका है मामला
राज्य में वन अधिनियम की वजह से बड़ी संख्या में सड़क व अन्य विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। हाल ही में विधानसभा के बजट सत्र के दौरान नियम 54 के तहत इस विषय पर चर्चा भी हुई। जिसमें सत्ता पक्ष के विधायकों के साथ ही विपक्ष ने भी इस अधिनियम के मानकों में छूट दिए जाने की जरूरत बताई। भाजपा विधायक दलीप रावत ने भी वन अधिनियम की वजह से राज्य में प्रभावित हो रहे विकास कार्यों का विषय उठाया था।

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