डीएम मयूर दीक्षित ने कहा कि सीमित संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए और मॉकड्रिल के दौरान जो भी छोटी-बड़ी खामियां सामने आईं हैं, उन्हें शीघ्र दूर किया जाए। उन्होंने कहा कि आपदा की पहली घड़ी सबसे अहम होती है, इसलिए सभी विभाग आपसी समन्वय और दक्षता के साथ कार्य करें। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वर्षाकाल के दौरान नदी किनारे न जाएं, यात्रा से पूर्व मौसम की जानकारी अवश्य लें और अत्यधिक वर्षा के समय अनावश्यक यात्रा से बचें। इसके अलावा लक्सर अतिरिक्त कलसिया (तहसील लक्सर), माडाबेला (लक्सर) और फतेहउल्लापुर उर्फ तेलपुरा (भगवानपुर) में भी मॉकड्रिल हुई। यहां की भूगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए बाढ़ के अलग-अलग परिदृश्यों पर काम किया गया।

