नई दिल्ली। भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त (RG & CCI) ने गुरुवार को जनगणना भवन, नई दिल्ली से जनगणना-2027 के जनजागरूकता अभियान के तहत छह जागरूकता वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह पहल राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में चल रहे जनगणना-2027 के प्रथम चरण — मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना (HLO) — के अंतर्गत शुरू की गई है।
जागरूकता वैन दिल्ली के विभिन्न इलाकों में भ्रमण कर लोगों को जनगणना में भागीदारी, स्व-गणना (Self Enumeration) सुविधा, जनगणना-2027 की विशेषताओं तथा प्रगणकों के साथ सहयोग के महत्व के बारे में जानकारी देंगी। अभियान का उद्देश्य जनजागरूकता बढ़ाना और जनगणना कार्यों का सुचारू संचालन सुनिश्चित करना है।
दिल्ली में जारी है HLO कार्य
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में वर्तमान में मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य चल रहा है। NDMC एवं दिल्ली छावनी बोर्ड क्षेत्रों में 15 अप्रैल 2026 को स्व-गणना पूर्ण होने के बाद 16 अप्रैल से प्रगणकों द्वारा घर-घर सर्वेक्षण शुरू किया गया, जो 15 मई 2026 तक चलेगा।
वहीं MCD क्षेत्रों में 1 मई से 15 मई 2026 तक स्व-गणना की सुविधा उपलब्ध है। नागरिक आधिकारिक पोर्टल https://se.census.gov.in पर स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। इसके बाद 16 मई से 14 जून 2026 तक प्रगणक घर-घर जाकर मकानसूचीकरण कार्य करेंगे।
स्व-गणना पूरी कर चुके नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपनी SE ID सुरक्षित रखें और प्रगणक के आने पर उसे साझा करें।
पहली बार शुरू हुई स्व-गणना सुविधा
जनगणना-2027 में पहली बार स्व-गणना की सुविधा शुरू की गई है, जिसे जनता की सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। अब तक 23 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में करीब 92 लाख परिवार आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से स्व-गणना पूरी कर चुके हैं।
मकानसूचीकरण चरण के तहत 33 निर्धारित प्रश्नों वाली संरचित प्रश्नावली के माध्यम से परिवारों की जानकारी, आवास की स्थिति, उपलब्ध सुविधाएं और संपत्तियों से संबंधित विवरण एकत्र किए जा रहे हैं। यह डेटा सरकार को योजनाएं बनाने, नीतियां तय करने और सार्वजनिक सेवाओं की प्रभावी डिलीवरी में मदद करेगा।
उत्तर प्रदेश में भी शुरू हुआ अभियान
उत्तर प्रदेश में गुरुवार से मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना चरण शुरू हो गया है। राज्य के निवासी 7 मई से 21 मई 2026 तक स्व-गणना कर सकते हैं, जबकि 22 मई से 20 जून 2026 तक प्रगणकों द्वारा घर-घर सर्वेक्षण किया जाएगा।
वर्तमान में तेलंगाना, पंजाब, राजस्थान, दिल्ली (MCD), महाराष्ट्र, मेघालय और झारखंड में स्व-गणना प्रक्रिया जारी है, जबकि उत्तराखंड सहित कई राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में प्रगणकों द्वारा फील्ड विजिट का कार्य चल रहा है।
डेटा रहेगा पूरी तरह गोपनीय
जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत जनगणना के दौरान एकत्र किया गया सभी डेटा पूर्णतः गोपनीय रहेगा और इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय एवं विकास योजनाओं के उद्देश्य से किया जाएगा।
सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे प्रगणकों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराते हुए इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय सहयोग प्रदान करें।

