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निजी डॉक्टर क्लीनिकल इस्टेब्लिसमेंट एक्ट के विरोध में उतरे

पिथौरागढ़ – जिले के निजी चिकित्सकों ने क्लीनिकल इस्टेब्लिशमेंट एक्ट का विरोध किया है। विरोध में सभी निजी चिकित्सकों ने अपने चिकित्सालय बंद कर विरोध जताया। भारतीय चिकित्सा संघ के पदाधिकारी चिकित्सकों ने पत्रकार वार्ता कर सरकार की नियत पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा प्रदेश के निजी चिकित्सालयों पर जबरन एक्ट थोपा जा रहा है। […]

पिथौरागढ़ – जिले के निजी चिकित्सकों ने क्लीनिकल इस्टेब्लिशमेंट एक्ट का विरोध किया है। विरोध में सभी निजी चिकित्सकों ने अपने चिकित्सालय बंद कर विरोध जताया। भारतीय चिकित्सा संघ के पदाधिकारी चिकित्सकों ने पत्रकार वार्ता कर सरकार की नियत पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा प्रदेश के निजी चिकित्सालयों पर जबरन एक्ट थोपा जा रहा है। एक्ट लागू होने से मरीजों के लिए उपचार महंगा हो जाएगा।
शनिवार को नगर के एक निजी होटल में निजी चिकित्सकों ने पत्रकार वार्ता की। भारतीय चिकित्सा संघ की पिथौरागढ़ शाखा के सचिव डॉ. जगदीश गडक़ोटी ने कहा निजी अस्पतालों पर जबरन क्लीनिकल इस्टेब्लिशमेंट एक्ट थोपा जा रहा है। इस एक्ट के मुताबिक जो नियम तय किए गए हैं इसका बोझ मरीजों पर पडऩा लाजमी है। कहा इस एक्ट के विरोध में पहले भी दो बार हड़ताल की गई थी लेकिन प्रदेश सरकार बातों को अनसुना कर रही है। संघ के संरक्षक डॉ. आरके खर्कवाल ने कहा सरकारी योजनाओं में निजी चिकित्सालयों को शामिल किया गया है लेकिन इन योजनाओं के तहत उपचार के लिए दिया जाने वाला पैसा निजी अस्पतालों को समय से नहीं दिया जाता। बावजूद इसके योजनाओं को जबरन निजी अस्पतालों पर थोपा जा रहा है। डॉ. पीएस बसेड़ा ने कहा पर्वतीय क्षेत्रों को ध्यान में रखकर नियम नहीं बनाए गए हैं। सभी चिकित्सकों ने कहा कि सरकार एक्ट लागू कर निजी अस्पतालों को बंद करने की फिराक में है। देते हुए कहा कि सरकार कोई ठोस निर्णय लेती है तो स्वयं अपने अस्पताल बंद कर देंगे।

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