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कॉलोनी वासियों के लिए मुसीबत बने जंगली जानवर

हरिद्वार – जंगलों से सटी कॉलोनियों के लोगों का जंगली जानवरों से पीछा छूटने का नाम नहीं ले रहा है। टस्कर और गुलदार के बाद अब तेंदुए की दस्तक से लोगों में दहशत का माहौल है। इससे लोगों की मुश्किलें फिर से बढ़ गई हैं। राजाजी टाइगर रिजर्व और वन विभाग के घने जंगलों से […]

हरिद्वार – जंगलों से सटी कॉलोनियों के लोगों का जंगली जानवरों से पीछा छूटने का नाम नहीं ले रहा है। टस्कर और गुलदार के बाद अब तेंदुए की दस्तक से लोगों में दहशत का माहौल है। इससे लोगों की मुश्किलें फिर से बढ़ गई हैं।
राजाजी टाइगर रिजर्व और वन विभाग के घने जंगलों से सटी कॉलोनियों के लोगों के लिए जंगली जानवर बड़ी मुसीबत बन गए हैं। एक साल में एक टस्कर हाथी तीन लोगों को मौत के घाट उतार चुका है। जिसे अब मीठावाली कैंप में रखकर लोगों को टस्कर से राहत मिल गई है। लेकिन इसके बाद एक गुलदार औद्योगिक क्षेत्र में लोगों को दिखाई दे रहा था, हालांकि गुलदार ने किसी पर हमला नहीं किया था, लेकिन उसके दिखाई देने से कर्मचारियों और कॉलोनी के लोग भय के माहौल में रहता था। जिसे भी पिजरे में कैद कर जंगल में छोड़ दिया गया था। इससे करीब डेढ़ माह तक तो लोगों का जंगली जानवरों से पीछा छूटा हुआ है, लेकिन अब एक तेंदुआ फिर से शिवालिक नगर की न्यू शिवालिक नगर कॉलोनी में दिखाई दे रहा है। जिससे कॉलोनी के लोगों में डर का माहौल बना हुआ है। शाम ढलते ही तेंदुए के रिहायशी इलाके में दिखाई देने से लोगों ने रात-बिरात के समय घरों से निकलना बंद कर दिया है। लोग के रात के समय घर से निकलने में कतरा रहे हैं। उधर, रेंजर दिनेश प्रसाद नौडिय़ाल का कहना है कि चूंकि कुछ कॉलोनियों जंगल से सटी हुई हैं, इसलिए जंगली जानवर भी इन कॉलोनियों में आते रहते हैं, लेकिन वन टीम भी जंगली जानवरों को रोकथाम के लिए सतर्क रहती है। जिससे वह किसी को नुकसान न पहुंचा सके।

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