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- उत्तराखंड

रेलवे स्टेशन-कॉलोनी के विरोध में उतरे ग्रामीण

 टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन के लिए रेलवे स्टेशन और कॉलोनी के लिए सर्वे के लिए आई टीम को बुधवार को ग्रामीणों ने वापस लौटा दिया। गुस्साए लोगों ने उनके लगाए पिलरों को भी उखाड़ दिया। विरोध कर रहे ग्रामीणों ने कहा कि उनका रेल लाइन का कोई विरोध नहीं है, लेकिन गांव में स्टेशन और कॉलोनी […]

 टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन के लिए रेलवे स्टेशन और कॉलोनी के लिए सर्वे के लिए आई टीम को बुधवार को ग्रामीणों ने वापस लौटा दिया। गुस्साए लोगों ने उनके लगाए पिलरों को भी उखाड़ दिया। विरोध कर रहे ग्रामीणों ने कहा कि उनका रेल लाइन का कोई विरोध नहीं है, लेकिन गांव में स्टेशन और कॉलोनी कतई नहीं बनने देंगे। उनकी जमीन पहले ही विकास कार्यों की भेंट चढ़ चुकी है, अब जो बची है उसे स्टेशन में मिलाने की तैयारी है। जिला मुख्यालय के निकटवर्ती गांव खोली में आजकल टनकपुर बागेश्वर रेल लाइन के साथ स्टेशन और रेलवे कॉलोनी का सर्वे कार्य चल रहा था। इसके लिए रेलवे ने दिल्ली की एक संस्था को सर्वे का कार्य सौंपा था। सर्वे करते हुए सर्वेयर खोली के ग्रामीणों की उपजाऊ जमीन मिहीनिया, कनेरा, भटोली, काकड़ाखेत से खोली तक पहुंचे। जैसे ही ग्रामीणों को इसकी भनक लगी वह विरोध करते हुए सड़कों पर उतर आए। पूर्व ग्राम प्रधान कुंवर सिंह परिहार के नेतृत्व में ग्रामीणों ने सर्वेयरों द्वारा बनाए रेलवे के पिलर भी उखाड़ कर फेंक दिए तथा सर्वे करने आई टीम को उल्टे पांव भगा दिया।
ग्रामीणों का कहना है कि उनका रेलवे लाइन बनने का कोई विरोध नहीं है, यदि उनके गांव से होकर रेलवे लाइन जाती है तो उसमें सभी लोग सहयोग करेंगे, लेकिन गांव की कृषि भूमि पर रेलवे स्टेशन और कॉलोनी किसी भी हाल में नहीं बनने दी जाएगी। उनका कहना है कि ग्रामीण अपनी उपजाऊ जमीन पहले ही बेस अस्पताल, खेल स्टेडियम आदि के लिए दे चुके हैं। अब उनके पास वैसे ही जमीन आधी रह गई है। विरोध करने वालों में पूर्व प्रधान कुंवर सिंह परिहार, कमल सिंह, बलवंत सिंह, योगेश सिंह, देवेन्द्र सिंह, कमला देवी, मंजू देवी, नीमा देवी, जानकी देवी, प्रेमा देवी, आशा देवी आदि मौजूद थे।

पहले ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल का सर्वे बताया
ग्रामीणों का कहना है कि सर्वे टीम कई दिनों से क्षेत्र में है। उन्हें पहले कहा गया कि टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन का मिलान भविष्य में कर्णप्रयाग-ऋषिकेश लाइन से होगा। इसका सर्वे हो रहा है। इसलिए ग्रामीणों ने लाइन का विरोध नहीं किया। अब टीम कॉलोनी और स्टेशन की बात कर रही है। इसलिए उन्होंने इसका विरोध शुरू किया है।

खोली गांव रेलवे की सर्वे के लिए कोई टीम आई है। उनके संज्ञान में नहीं है। बुधवार को खोली के ग्रामीणाों ने फोन पर बताया है। मामले की जांच की जाएगी। जो भी सर्वे के लिए आए हैं उन्हें जिला प्रशासन के संज्ञान में मामला लाना चाहिए था।    – आशीष भटगांई, जिलाधिकारी बागेश्वर

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