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प्राचार्य डॉ. योगेश योगी व डॉ. अंजु शर्मा ने किया कार्यक्रम संचालन

धनौरी।विद्यावर्धिनी महाविद्यालय धुले, महाराष्ट्र के उप प्राचार्य एवं हिंदी विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर योगेश गोकुल पाटिल ने कहा कि स्थानीय बोलियों के संरक्षण के लिए प्रयास किए जाने चाहिए। अपनी बोली, भाषा को बचाने के लिए प्रयास भी स्थानीय स्तर से ही प्रारंभ करने होंगे।केंद्रीय हिंदी निदेशालय भारत सरकार की ओर से हरिओम सरस्वती पीजी […]

धनौरी।
विद्यावर्धिनी महाविद्यालय धुले, महाराष्ट्र के उप प्राचार्य एवं हिंदी विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर योगेश गोकुल पाटिल ने कहा कि स्थानीय बोलियों के संरक्षण के लिए प्रयास किए जाने चाहिए। अपनी बोली, भाषा को बचाने के लिए प्रयास भी स्थानीय स्तर से ही प्रारंभ करने होंगे।
केंद्रीय हिंदी निदेशालय भारत सरकार की ओर से हरिओम सरस्वती पीजी कॉलेज धनौरी में हिंदी के प्रचार प्रसार में कौरवी बोली का योगदान विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया है। संगोष्ठी के पहले दिन इतिहासकार डॉ. सुशील भाटी ने कहा कि और कौरवी बोली का प्रचार प्रसार हरियाणा, पश्चिम उत्तर प्रदेश के साथ साथ उत्तराखंड के मैदानी क्षेत्रों तक है। विशेषकर हरिद्वार जिले में कौरवी बोली जाती है। गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के प्रभारी डॉ. अजीत सिंह तोमर ने कहा कि न्यू मीडिया में भी कौरवी बोली का कंटेंट बनने लगा है।अब कौरवी गांव देहात से निकलकर सोशल मीडिया की भाषा बन चुकी है। युवा कवि डॉ मोहित संगम ने देशभक्ति से ओतप्रोत कविता का पाठ किया। केंद्रीय हिंदी निदेशालय के उपनिदेशक हुकुम चंद मीणा ने कहा कि कौरवी बोली पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन होना पूरे क्षेत्र के लिए गौरव की बात है। आरएसएस के पूर्व जिला कार्यवाह डा.अंकित सैनी ने कहा कि कौरवी बोली हमारे स्वाभिमान से जुड़ी है। इसको बोलते हुए शर्म महसूस नहीं करनी चाहिए बल्कि अपनी बोली पर गर्व करना चाहिए।
इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ भाजपा जिला अध्यक्ष आशुतोष शर्मा, जिला महामंत्री आशु चौधरी, जिला उपाध्यक्ष लव शर्मा और प्रबंध समिति की अध्यक्ष सुमन देवी ने दीप प्रज्वलित कर किया।
कार्यक्रम का संचालन प्राचार्य डॉ. योगेश योगी और कार्यक्रम समन्वयक डॉ. अंजु शर्मा ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर शोभित विश्वविद्यालय सहारनपुर से डॉ.राजीव उपाध्याय, केंद्रीय हिंदी निदेशालय की सहायक अनुसंधान अधिकारी प्रतिष्ठा श्रीवास्तव, राजकीय महाविद्यालय चुड़ियाला से डॉ.विपिन शर्मा, राजकीय महाविद्यालय चोबट्टाखाल पौड़ी गढ़वाल से डॉ. सुनील कुमार, डॉ श्रवण कुमार,राजकीय महाविद्यालय भूपतवाला से डॉ अर्चना रानी, धनौरी पीजी कॉलेज से डॉ गुड्डी चमोली, हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय श्रीनगर से राकेश सिंह,कोमल, राजकीय महाविद्यालय जखोली रुद्रप्रयाग से डॉ. सुभाष कुमार आदि उपस्थित रहे

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