सहारनपुर :-
जनपद सहारनपुर से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां बलात्कार और जबरन धर्मांतरण की शिकार पीड़िता सोनू रानी शर्मा पुत्री दयाराम शर्मा निवासी बैंगलोर (कर्नाटक), हाल निवासी ग्राम घानाखण्डी, न्याय के लिए दर-दर भटक रही है। पीड़िता ने दिनांक 11 अगस्त 2025 को कोतवाली देहात में एफआईआर संख्या 0346 दर्ज कराई थी, जिसमें वसीम पुत्र सलीम, फरमान पुत्र शौकत, सलमान पुत्र गुलजार और पीरू उर्फ वसीम पुत्र हसीन (सभी निवासी ग्राम घानाखण्डी, जनपद सहारनपुर) को नामजद किया गया है।
एफआईआर में बी.एन.एस. की विभिन्न धाराओ और उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम 2021 की धाराओ में मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बावजूद, आज तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, जिससे पीड़िता के अन्दर भय व आक्रोश का माहौल में है।
इस पूरे प्रकरण ने एक बार फिर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा, न्यायिक प्रक्रिया की धीमी रफ्तार और धर्मांतरण मामलों पर प्रभावी कार्यवाही को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस मामले को लेकर राष्ट्रवादी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह गुर्जर ने सहारनपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने प्रशासन से तत्काल कार्यवाही कर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। वीरेंद्र सिंह गुर्जर ने कहा कि दोषी पहले भी पीड़िता पर जानलेवा हमला कर चुके हैं और एफआईआर दर्ज कराने के बाद उसे बार-बार जान से मारने की धमकियाँ दी जा रही हैं।
वीरेंद्र सिंह गुर्जर ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की जाती, तो राष्ट्रवादी सेना सहारनपुर में अनशन, भूख हड़ताल और जन आंदोलन शुरू करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
ज्ञापन सौपने के दौरान राष्टवादी सेना के राष्टीय अध्यक्ष विरेन्द्र गुर्जर ,पथिक जनशक्ति पार्टी के बरिष्ठ सलाहकार राजपाल सिंह, पथिक जनशक्ति पार्टी के कार्यकारी सदस्य सिताब सिंह,भारतीय मानव अधिकार सेवा संगठन के अध्यक्ष अतुल शर्मा, राजकुमार शर्मा पार्षद 39 सहारनपुर व पीड़िता सोनू रानी शर्मा आदि शामिल रहे।

