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- उत्तराखंड

मजदूर संगठनों ने धरना देकर जताया नए श्रम कानून का विरोध

अखिल भारतीय मजदूर अधिकार दिवस पर मजदूर अधिकार संघर्ष अभियान, इंकलाबी मजदूर केंद्र और मजदूर संघर्ष संगठन के संयुक्त आह्वान पर चार श्रम संहिताओं के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया गया। शिवालिकनगर स्थित चिन्मय डिग्री कॉलेज चौक पर धरने में मजदूर संगठनों के सैकड़ों श्रमिक पहुंचे। रावली महदूद क्षेत्र में रैली निकालकर जागरूक किया गया। जय […]

अखिल भारतीय मजदूर अधिकार दिवस पर मजदूर अधिकार संघर्ष अभियान, इंकलाबी मजदूर केंद्र और मजदूर संघर्ष संगठन के संयुक्त आह्वान पर चार श्रम संहिताओं के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया गया। शिवालिकनगर स्थित चिन्मय डिग्री कॉलेज चौक पर धरने में मजदूर संगठनों के सैकड़ों श्रमिक पहुंचे। रावली महदूद क्षेत्र में रैली निकालकर जागरूक किया गया। जय प्रकाश ने आरोप लगाया कि चार श्रम संहिताएं मजदूरों को सैकड़ों वर्ष पीछे ले जाने वाली हैं। महिलाओं से रात की पाली में काम कराने का प्रावधान महिला अपराध को बढ़ावा देगा। पूंजीपतियों को 300 से कम मजदूरों वाली इकाइयों में छंटनी और तालाबंदी की छूट दे दी गई है। कुलदीप ने कहा कि यह हमला केवल संगठित मजदूरों पर ही नहीं, बल्कि असंगठित मजदूरों पर भी है। कंपनी ऐक्ट में मजदूर और कारखाने की परिभाषा बदल दी गई है। मजदूर अधिकार संघर्ष अभियान की ओर से लेबर कोड्स रद्द करने समेत 12 मांगें प्रमुखता से उठाई गईं। इस मौके पर पंकज कुमार, गोविंद सिंह, राजकिशोर, रविंद्र, कुलदीप, गुरुमीत, देवेंद्र, दिनेश कुमार, अनिल कुमार, कृष्ण मुरारी, अशोक गिरि, महिपाल, रजनी, शमशाद हुसैन, ओमपाल सिंह, नासिर अहमद, सुभाष, महेश भट्ट, नीता, सुनील कुमार मौजूद रहे।

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