रुडकी – आबकारी नीति के खिलाफ शराब कारोबारियों ने आबकारी विभाग के कार्यालय पर प्रदर्शन किया। कारोबारियों ने अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन आबकार निरीक्षक को सौंपा।
रुडक़ी स्थित आबकारी कार्यालय में प्रदर्शन के दौरान शराब कारोबारियों ने बताया कि प्रदेश में गलत शराब आबकारी नीति निर्धारण के कारण सभी दुकान संचालकों को आर्थिक संकट से गुजरना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि आबकारी नीति के कुछ भी नियम व्यावहारिक नहीं है जिस कारण उन्हें राजस्व चुकाने में काफी दिक्कत का सामना हो रहा है। कई शराब कारोबारियों की तो सरकार की ओर से आरसी भी कट चुकी ,है जिससे सभी में काफी रोष है। शराब कारोबारी संजय कुमार का कहना है कि नई आबकारी नीति में देशी शराब की मांग के अनुसार मिलनी चाहिए न कि सरकार के अनुसार थोपी जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि विगत वर्षों में कुछ शराब कम्पनियों के मालिकों ने शासन स्तर पर मिलीभगत कर अपनी शराब को आरक्षित करा दिया गया था। इस मामले में उच्च न्यायालय द्वारा इस आबकारी नीति को भी निरस्त कर दिया गया था। शराब कारोबारियों ने मांग की कि आबकारी नीति में शराब का मूल्य निर्धारण नीति के अनुसार होना चाहिए एवं आबकारी नीति के अनुसार शराब विक्रय मूल्य कम से कम 25 प्रतिशन मार्जन मिलना चाहिए। शराब कारोबारियों ने ज्ञापन में सरकार से मांग की है कि अवैध शराब पर पूर्ण प्रतिबंध लगना चाहिए। प्रदर्शन करने वालों में शराब ठेकेदार कारोबारियों में सुनील राणा, संजय चौधरी, सरदार बिरम सिंह, वरूण शर्मा, कार्तिक शर्मा, समय सिंह, प्रदीप कुमार, सोनपाल, अशोक कुमार, ओमपाल सिंह, संजय कुमार, सुंदर लाल, ओमपाल, धर्मवीर, इसम सिंह, सतपाल, सतीश कुमार, सतपाल सिंह, प्रमेंद्र कुमार आदि ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया।
Liquor traders exhibited at the Excise Department’s office
