हरिद्वार
जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरिद्वार नरेन्द्र दत्त के दिशा-निर्देशन में गुरुवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरिद्वार के सभागार में अधिकार मित्रों (PLVs) के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रभारी सचिव एवं सिविल जज (सीनियर डिवीजन) ज्योति बाला उपस्थित रहीं। उन्होंने अधिकार मित्रों को विभिन्न कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारियों को रेखांकित किया और आमजन तक कानूनी सहायता पहुंचाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान विषय विशेषज्ञों ने विभिन्न महत्वपूर्ण अधिनियमों पर विस्तृत जानकारी दी। वन विभाग के अधिवक्ता दिनेश चंद पाण्डेय ने वन्य जीव संरक्षण अधिनियम, भारतीय वन अधिनियम तथा वन अधिकार अधिनियम के बारे में जानकारी दी। वहीं डिप्टी लीगल एड डिफेंस काउंसिल रमन कुमार सैनी ने घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम 2005 पर प्रकाश डाला।
डिप्टी लीगल एड डिफेंस काउंसिल अरविंद कुमार श्रीवास्तव ने पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986, असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस काउंसिल रजिया अख्तर ने नवीन भारतीय न्याय संहिता एवं भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 तथा असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस काउंसिल आदिल अली ने दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961 के महत्वपूर्ण प्रावधानों की जानकारी दी।
इस अवसर पर वन गुर्जर ट्राइबल युवा संस्थान की सदस्य सृष्टि सक्सेना ने वन निवासी एवं जनजातीय समुदायों की समस्याओं तथा उनके कानूनी अधिकारों पर विस्तृत चर्चा की।
कार्यक्रम के समापन पर प्रभारी सचिव ज्योति बाला ने अधिकार मित्रों से प्रशिक्षण के संबंध में फीडबैक लिया और उन्हें आगामी 14 मार्च को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक लोग इस सुलभ न्याय प्रणाली का लाभ उठा सकें।

