Quick Links:
Wednesday, 12 August 2026
  • Home  
  • आजाद होकर भी आजाद नही है हम — ताराचन्द जाटव
- ट्रैंडिंग न्यूज़ - देश - राजस्थान

आजाद होकर भी आजाद नही है हम — ताराचन्द जाटव

हमारा संविधान महज राजनैतिक दस्तावेज ही नहीं सामाजिक व् आर्थिक दस्तावेज भी है |  आजादी के 72 साल बाद आज हम इस बात पर विचार करें की लोक  अर्थात आम जन को आजादी से क्या मिला है तो आजादी के जश्न में शामिल होने की इच्छा का ग्राफ ही पलट जाता है|आजादी से तो उन […]

हमारा संविधान महज राजनैतिक दस्तावेज ही नहीं सामाजिक व् आर्थिक दस्तावेज भी है |  आजादी के 72 साल बाद आज हम इस बात पर विचार करें की लोक  अर्थात आम जन को आजादी से क्या मिला है तो आजादी के जश्न में शामिल होने की इच्छा का ग्राफ ही पलट जाता है|आजादी से तो उन ही लोगों को फायदा पहुंचा है| जिनके पास सामजिक व आर्थिक सत्ता का साम्राज्य है | उस साम्राज्य में उनका दखल है| जिनके बूते व समाज के एक बड़े तबके को नियंत्रित करने का काम करते हैं| स्वाधीनता के बाद सबसे बड़ी विड़म्बना यह रही राजनैतिक आजादी को ही आजादी मान लिया गया है| आजादी एक सम्पूर्ण जीवन पद्धति का नाम है जिससे में तक़रीबन 75 फीसदी लोग अछूते है |आज भी पूरे देश का एक बहुत बड़ा तबका सम्मान पूर्वक जीवन जीने परे है| बाबा साहब डॉ अम्बेडकर जी ने देश का संविधान सौंपते हुए कहा था | कि जो जिम्मेदारी देश पर सौंपी थी | उसका उत्तरदायित्व पिछले 7 दशक में पूरा नहीं हुआ| इस देश के नागरिक होने के साथ ही उन्हें मौलिक अधिकार प्राप्त है तो ऐसे में उन्हें शिक्षा स्वाथ्य व आर्थिक लाभ मिलने चाहियें| पिछले 7 दसक से सत्ता में रही सभी पार्टी व वर्तमान   BJP सरकार की तमाम योजनायें व कार्य खोखले साबित हो रहें है |आज भी लोग भूख—प्यास व ठण्ड से मर रहे हैं|

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *