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Wednesday, 12 August 2026
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कब्जे में होने के बावजूद ,सीता को छूआ तक नही रावण ने — दर्शन रत्न रावण

रूड़की  – शिक्षा इंसान को जीव से इंसान बनाती है शिक्षा के बिना किसी पशु पक्षी और इंसान में भेद नहीं होता है यह कहना है वाल्मीकि अम्बेडकर फाउंडेशन के आदि धर्म समाज भारत के प्रमुख दर्शन रत्न रावण जी का जो आज रामनगर चौक स्थित एक होटल में आयोजित एक शिक्षा सेमिनार पहुंचे थे […]

रूड़की  – शिक्षा इंसान को जीव से इंसान बनाती है शिक्षा के बिना किसी पशु पक्षी और इंसान में भेद नहीं होता है यह कहना है वाल्मीकि अम्बेडकर फाउंडेशन के आदि धर्म समाज भारत के प्रमुख दर्शन रत्न रावण जी का जो आज रामनगर चौक स्थित एक होटल में आयोजित एक शिक्षा सेमिनार पहुंचे थे | रावण जी ने इस संगठन की नीव करीब 25 साल पहले रखी थी यह संगठन देश के ज्यादातर राज्यों में पिछले 10 सालो से मुख्य रूप से बाल्मीकि समाज की बस्तियों में जाकर शिक्षा के प्रति बच्चो को प्रेरित कर रहा है उत्तरप्रदेश में लगातार शिक्षा सेमिनार चलाता रहता है लेकिन रूड़की में पहली बार शिक्षा सेमिनार आयोजित किया गया है इस सेमिनार में दर्शन रत्न जी को सुनने के लिए अच्छी संख्या में लोग पहुंचे थे |दर्शन रत्न रावण जी ने बताया की हम काफी बस्तियों में गए है हमने देखा है की बच्चे बढ़ रहे है और माता पिता पैसा खर्च कर रहे है लेकिन बच्चो को दिशा नहीं मिल पा रही है बाल्मीकि समाज सबसे पिछड़ा हुआ है इसीलिए हम मुख्य रूप से बाल्मीकि समाज के बच्चो को प्रेरित करने का कार्य कर रहे है नाम के आगे रावण सरनेम लगाने पर उनसे पूछा तो उनका कहना था की जब हमने परमात्मा बाल्मीकि को पढ़ना शुरू किया तो पाया की उन्होंने कई जगह पर रावण को महात्मा रावण लिखा है उन्होंने यह भी लिखा है की जितनी विद्या महात्मा रावण के पास थी उतनी किसी के पास नहीं थी |

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