
रूड़की – चकबंदी में तैनात प्रदीप गर्ग नाम के अधिकारी पर एक ही जमीन को कई कई बार बेचने जैसे ठगी के गंभीर आरोप लगे है प्रदीप गर्ग का आवास सिविल लाइन में है और फिलहाल वो उधमसिंहनगर के बाजपुर में चकबंदी अधिकारी के पद पर तैनात है ठगी का शिकार हुए मंगलौर निवासी पीड़ित ओमप्रकाश ने आरोप लगाया है की प्रदीप गर्ग ने अपने पद का दुरुपयोग कर अपनी पत्नी और अपने रिश्तेदारों के नाम पर विभन्न संपत्ति बनाई हुई है और भूमाफियाओ का एक गिरोह भी बना रखा है जो भोले भाले लोगो को फंसाकर एक ही संपत्ति कई कई बार बेचकर ठगी का कार्य करता है !

पीड़ित ओमप्रकाश ने बताया की 2014 में प्रदीप गर्ग ने उन्हें भगवानपुर के रायपुर में एक प्लाट दिखाया था जो प्रदीप गर्ग ने अपनी पत्नी स्मृति गर्ग के नाम बताया था जिसके कुछ दिनों बाद ही ओमप्रकाश ने प्रदीप गर्ग की पत्नी से प्लाट का बैनामा करा लिया था लेकिन बैनामे के कुछ समय बाद जब पीड़ित ओमप्रकाश प्लाट को देखने के लिए पहुंचे तो उन्होंने पाया की प्लाट पर एक मकान बनाया जा चूका है ओमप्रकाश ने बताया की मकान बनाने वाले से जानकारी ली तो पता चला की उसने यह प्लाट 2012 में खरीदा था !
ओमप्रकाश ने बताया की प्लाट पहले बिका हुआ है जब उन्हें जानकारी मिली तो उन्होंने प्रदीप गर्ग से संपर्क किया तो प्रदीप गर्ग और उसके साथियो ने कहा की हम इसी तरह से लोगो के साथ धोखा देकर धन ऐंठने का कार्य करते है तुम हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकते हमारी शासन प्रशासन में अच्छी पहचान है तुमसे जो हो सकता है करलो !
ओमप्रकाश का कहना है की ठगी के बाद उन्होंने प्रदीप गर्ग के बारे में जानकारी जुटाई तो पता चला की वो इसी तरह के कार्य करता है और कुछ समय पहले आय से अधिक संपत्ति जैसे किसी मामले में जेल भी जा चूका है !
