हरिद्वार – गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में शुक्रवार को पर्यावरण संरक्षण समेत अन्य विषयों पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ हुआ। इस संगोष्ठी में देश के जाने माने पर्यावरणविदों के अलावा भारत के विभिन्न राज्यों से पर्यावरण संरक्षण, पौधरोपण अभियान में जुटे स्वयंसेवी भागीदारी कर रहे हैं। शांतिकुंज के वरिष्ठ कार्यकर्ता वीरेश्वर उपाध्याय ने कहा कि पर्यावरण मानव जीवन में सहयोगी की भूमिका निभाते हैं। परन्तु पिछले कई वर्षों से लोग इस मित्र को अपने सुख के लिए नुकसान पहुंचाने में संकोच नहीं कर रहे हैं। फलत: पर्यावरण भी अपनी भूमिका में बदलाव कर लिया है। कहा कि वर्तमान परिदृश्य में पर्यावरण संरक्षण की दिशा कार्य करना नितांत आवश्यक है और अभी नहीं चेते, तो वह दिन दूर नहीं जब मनुष्य सहित अनेक जीव-जन्तुओं पर संकट के बादल घिरने लगेंगे। कहा कि आज सम्पूर्ण विश्व में उपलब्ध पानी में केवल एक प्रतिशत पानी ही पीने योग्य है। यदि इस दिशा में अब कदम नहीं उठाये गये, तो भविष्य में मनुष्य सहित समस्त जीवों के लिए जीवन बचा पाना मुश्किल है। मनोज तिवारी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधारोपण व जल वर्षा का संचय करना आवश्यक है।संगोष्ठी के समन्वयक के अनुसार तीन दिन चलने वाले इस सत्र में वृक्षगंगा अभियान, युगधर्म पर्यावरण संरक्षण, हमारे अनुभूत प्रयोग, श्रीराम सरोवर-सूखे का संकटमोचन व वर्षा जल संरक्षण, निर्मल गंगा जन अभियान, स्वच्छ पर्यावरण-सुरक्षित जीवन, ऋषि-कृषि एवं गो आधारित अर्थव्यवस्था, मानव प्रगति व पर्यावरण सहित 18 अलग-अलग विषयों पर विषय विशेषज्ञ संबोधित करेंगे। जिनमें गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. प्रणव पंड्या, व्यवस्थापक शिवप्रसाद मिश्र, केपी दूबे, प्रो. प्रमोद भटनागर, संदीप कुमार, एसएस पटेल, डॉ. एस पुनेकर, डीपी सिंह, सुधीर भारद्वाज आदि प्रमुख हैं। उद्घाटन सत्र का संचालन श्री केदार प्रसाद दुबे ने किया।
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पर्यावरण संरक्षण समेत अन्य विषयों पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ हुआ
हरिद्वार – गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में शुक्रवार को पर्यावरण संरक्षण समेत अन्य विषयों पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ हुआ। इस संगोष्ठी में देश के जाने माने पर्यावरणविदों के अलावा भारत के विभिन्न राज्यों से पर्यावरण संरक्षण, पौधरोपण अभियान में जुटे स्वयंसेवी भागीदारी कर रहे हैं। शांतिकुंज के वरिष्ठ कार्यकर्ता वीरेश्वर उपाध्याय ने कहा […]
