चम्पावत – गुरुवार सुबह शारदा बाढ़ सुरक्षा कार्य करने के लिए नदी डायवर्जन को तैयार बंधा टूटने के बाद विभाग और ठेकेदारों की लापरवाही उजागर हुई। लोग अंदेशा जता रहे हैं पूर्व गुणवत्ताहीन ढंग से हो रहे निर्माण कार्य के चलते बन रहे ये ब्लॉक भयावह बाढ़ की भेंट भी चढ़ सकते हैं। ब्लॉक बनाने के लिए नियम ताक पर रखकर मौके से ही मिट्टी और आरबीएम उठाकर ब्लॉक की नींव भरी जा रही है। लोगों का कहना है कि तमाम शिकायतों के बाद भी राजनैतिक संरक्षण के चलते इस मामले में कार्रवाई नहीं हो पा रही है। टनकपुर की शारदा नदी में हालिया दिनों में ही बाढ़ सुरक्षा के लिए 25-25 लाख की लागत से तीन ब्लॉक निर्माण शुरू हुआ था। आरोप लग रहे हैं कि राजनैतिक दल से ताल्लुक रखने वाले विशिष्ट ठेकेदारों को नियम ताक पर रखकर सिंचाई विभाग ने ये कार्य महज सलेक्शन बॉड पर दिए हैं। सूत्र बताते हैं कि इसके एवज में कमिशन का बड़ा खेल खेला गया है। वहीं मानकों के अनुसार ठेकेदारों को स्टोन क्रशर से ही रेत और उच्च क्वालिटी की गिट्टी इस काम में प्रयोग करनी है। आरोप है कि ठेकेदार मौके से ही गैती और फावड़ों से खोदकर मिट्टी और घटिया किस्म का आरबीएम ब्लॉक निर्माण में प्रयोग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि राजनैतिक प्रभाव के चलते इस मामले की गंभीरता से जांच नहीं हो रही है। आशंका जताई जा रही है कि गुणवत्ताहीन तरीके से बन रहे ये ब्लॉक बाढ़ के प्रबल वेग में कभी भी धराशाई हो सकते हैं।
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गुणवत्ताहीन तरीके से बन रहे ब्लॉक ढहने का भी मंडरा रहा खतरा
चम्पावत – गुरुवार सुबह शारदा बाढ़ सुरक्षा कार्य करने के लिए नदी डायवर्जन को तैयार बंधा टूटने के बाद विभाग और ठेकेदारों की लापरवाही उजागर हुई। लोग अंदेशा जता रहे हैं पूर्व गुणवत्ताहीन ढंग से हो रहे निर्माण कार्य के चलते बन रहे ये ब्लॉक भयावह बाढ़ की भेंट भी चढ़ सकते हैं। ब्लॉक बनाने […]
