रवि उपाध्याय
गोल्डन बाबा के काफिले में फॉर्च्यूनर से लेकर टैंपू तक साथ चल रहे हैं। इस बार उनकी 26वीं विशाल कावड़ है। बीमारी के चलते उन्होंने इस बार 16 किलो सोना पहना हुआ है 5 किलो सोना कम कर दिया है। सिक्योरिटी में उनके साथ अपने 85 पुरुष भक्त लगे हैं जो कि उनकी लगातार सेवा करते आ रहे हैं।
गोल्डन बाबा ने बताया कि काफी समय से वह बीमार चल रहे हैं। जिससे उनका शरीर काफी कमजोरी महसूस कर रहा इसलिए उन्होंने इस बार अपने शरीर पर केवल 17 किलो ही सोना धारण कर रखा है। उनकी सुरक्षा में दौराला पुलिस भी तैनात हो गयी है। गोल्डन बाबा का कपड़ों और प्रपोटी का भी कारोबार था लेकिन 2013 में कुंभ के मेले में शामिल होने के बाद उन्होंने अपना कारोबार बंद कर दिया है और महात्मा बन गए हैं।
गोल्डन बाबा भगवान शिव के बहुत बड़े भक्त हैं और वह हर साल अपने लोगों के साथ हरिद्वार से जल लेकर आते हैं। उनका बहुत बड़ा काफिला रहता है जिसमें पुरुष उनकी सेवा लगातार करते रहते हैं और उनके काफिले में खाने और सभी चीजों की व्यवस्था साथ में रहती है। उनका काफिला 29 तारीख को दिल्ली पहुंचेगा जहां वह 30 तारीख को दिल्ली के अशोक गली के लक्ष्मी नारायण मंदिर में जल चढ़ायेंगे। बाबा ने बताया कि जब तक उनकी सांसे चलती रहेगी वह कावड़ लाते रहेंगे जहां से भी बाबा का काफिला निकलता रहा वहां पर उन्हें देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ती रही
