अखिल भारतीय शहीद/ सेनानी परिवार कल्याण महापरिषद ने सेनानी परिवारों की समस्याओं को लेकर गुरुवार को राजभवन में राज्यपाल से मुलाकात की। उन्होंने राज्य में स्वतंत्रता सेनानी आयोग के गठन की भी मांग रखी। महापरिषद की उत्तराखंड समन्वयक डॉ. आशा लाल राज्यपाल के सामने सेनानी परिजनों के विभिन्न मुद्दों को रखा। उउन्होंने सेनानी परिजनों की सम्मान पेंशन में वृद्धि किए जाने की मांग रखी। साथ ही देहरादून में स्वतंत्रता सेनानी मेमोरियल के निर्माण का भी सुझाव दिया। साथ ही राज्य में स्वतंत्रता सेनानी आयोग के गठन, उत्तराखंड के स्वतंत्रता सेनानियों की जीवनियां पाठ्यक्रम में शामिल करने और दूसरी पीढ़ी के सेनानी परिजनों का आर्थिक सर्वेक्षण करने की भी मांग रखी। कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण के आधार पर दूसरी पीढ़ी को भी सम्मान पेंशन दी जाए। इसके अलावा राज्यपाल को सेनानी परिजनों के लंबित न्यायिक प्रकरणों के बारे में भी जानकारी दी गई और इनके निस्तारण को लेकर भी आग्रह किया गया। साथ ही सेनानी परिवारों की दूसरी और तीसरी पीढ़ी के उत्तराधिकारियों को दस प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने, संवैधानिक संस्थाओं में सेनानी परिजनों के मनोनयन, सेनानी परिजनों को ऑनलाइन परिचय पत्र दिए जाने की मांग भी रखी। राज्यपाल ने महापरिषद का आश्वासन दिया कि वह सेनानी परिजनों के हित में गंभीरतापूर्वक विचार किया जाएगा।
- उत्तराखंड
सेनानी परिजनों की समस्याओं को लेकर राज्यपाल से मिले
अखिल भारतीय शहीद/ सेनानी परिवार कल्याण महापरिषद ने सेनानी परिवारों की समस्याओं को लेकर गुरुवार को राजभवन में राज्यपाल से मुलाकात की। उन्होंने राज्य में स्वतंत्रता सेनानी आयोग के गठन की भी मांग रखी। महापरिषद की उत्तराखंड समन्वयक डॉ. आशा लाल राज्यपाल के सामने सेनानी परिजनों के विभिन्न मुद्दों को रखा। उउन्होंने सेनानी परिजनों की […]
