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- उत्तराखंड

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पिता पुत्र का बलिदान अविस्मरणीय

चुड़ियाला1857 की क्रांति के अग्रज शहीद उमराव सिंह और उनके पिता फतेह सिंह को श्रद्धांजलि देने के लिए उनके पैतृक गांव व आस पास के युवाओं के द्वारा मनाया बलिदान दिवस ।मंगलवार को भगवानपुर विधानसभा के ग्राम मानकपुर आदमपुर में 1857 की आज़ादी के संग्राम का नेतृत्व करने वाले वीर बहादुर उमराव सिंह परमार व […]


चुड़ियाला
1857 की क्रांति के अग्रज शहीद उमराव सिंह और उनके पिता फतेह सिंह को श्रद्धांजलि देने के लिए उनके पैतृक गांव व आस पास के युवाओं के द्वारा मनाया बलिदान दिवस ।
मंगलवार को भगवानपुर विधानसभा के ग्राम मानकपुर आदमपुर में 1857 की आज़ादी के संग्राम का नेतृत्व करने वाले वीर बहादुर उमराव सिंह परमार व उनके पिता फतेह सिंह परमार का बलिदान दिवस मनाया गया । शहीद उमराव सिंह और शहीद फतेह सिंह 1857 की क्रांति के अग्रणी योद्धा थे । जिन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया था और अंग्रेजी हुकूमत से लड़ते हुए तत्कालीन जिला सहारनपुर में अंग्रेज़ों का विरोध किया और कई अंग्रेजों को मौत के घाट उतार दिया था जिसके बदले उन्हें अंग्रेज़ों ने इनामी क्रांतिकारी घोषित कर दिया, और उनका पता बताने वाले या पकड़ने वाले को 12 गाँव इनाम में दिए जाने का ऐलान कराया था। जिसके कुछ दिन बाद अंग्रेजी हुकूमत द्वारा उन्हें गिरफ़्तार कर पिता पुत्र को सहारनपुर में चौकी सराय और कलेक्ट्रेट में 27 मई 1857 को फाँसी पर लटका दिया था । तभी से उनके पैतृक गाँव मानकपुर आदमपुर सहित आस पास के दर्जनों गांवों के लोगों द्वारा प्रतिवर्ष दोनों बलिदानियों को स्मारक पर पहुंचकर याद किया जाता है पिछले कुछ समय से गांव में दोनों बलिदानियों की याद में एक स्मारक के निर्माण का कार्य भी चल रहा है। मंगलवार को सुबह सैंकड़ों लोगों ने स्मारक पर पहुंचकर दोनों बलिदानियों को नम आँखों से श्रद्धांजलि दी। श्रद्धांजलि देने वालो में समिति अध्यक्ष राहुल एडवोकेट, चौ.अनुभव एडवाकेट ,मोनू चौधरी,मोहित कुमार रूचिन कुमार, पंकज कुमार ,आयुष कुमार ,ऋतिक आर्य, प्रवेश कुमार ,सचिन कुमार ,शुभम कुमार ,ऋतिक शर्मा ,सौरभ कुमार आदि उपस्थित रहे ।

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