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सरकार ने खरीफ की फसलों की एमएसपी 50प्रतिशत बढ़ाई, जानिए मोदी सरकार के बड़े फैसले

नई दिल्ली ,28 मई (आरएनएस)। केंद्र सरकार ने धान, कपास, सोयाबीन, अरहर समेत खरीफ की 14 फसलों की मिनिमम सपोर्ट प्राइस बढ़ा दी है। केंद्रीय कैबिनेट ने आज यानी 28 मई को यह फैसला लिया। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि धान की नई एमएसपी 2,369 रुपए तय की गई है, […]

नई दिल्ली ,28 मई (आरएनएस)। केंद्र सरकार ने धान, कपास, सोयाबीन, अरहर समेत खरीफ की 14 फसलों की मिनिमम सपोर्ट प्राइस बढ़ा दी है। केंद्रीय कैबिनेट ने आज यानी 28 मई को यह फैसला लिया। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि धान की नई एमएसपी 2,369 रुपए तय की गई है, जो पिछली एमएसपी से 69 रुपए ज्यादा है।
वैष्णव ने कहा कि सरकार ने बीते 10 साल में लगातार एमएसपी में बढ़ोतरी की है और हालिया फैसले से 7 करोड़ से अधिक किसानों को फायदा होगा। दालों में अरहर का समर्थन मूल्य 450 रुपये बढ़ाकर 8,000 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है, जबकि उड़द का एमएसपी 400 रुपये बढ़ाकर 7,800 रुपये प्रति क्विंटल और मूंग का एमएसपी 86 रुपये बढ़ाकर 8768 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है।
– सरकार ने बुधवार को संशोधित ब्याज सहायता योजना (एमआईएसएस) को 2025-26 के लिए जारी रखने को मंजूरी दे दी, जिसके तहत किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के माध्यम से सस्ती दर पर अल्पकालिक ऋण मिलता है। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि मौजूदा 1.5 प्रतिशत ब्याज सहायता के साथ वित्त वर्ष 2025-26 के लिए एमआईएसएस को जारी रखने का निर्णय केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा लिया गया। इस योजना को जारी रखने से सरकारी खजाने पर 15,640 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा। एमआईएसएस के तहत, किसानों को केसीसी के माध्यम से 7 प्रतिशत की रियायती ब्याज दर पर 3 लाख रुपये तक का अल्पकालिक ऋण मिलता है, जिसमें पात्र ऋण देने वाली संस्थाओं को 1.5 प्रतिशत ब्याज सहायता प्रदान की जाती है। इसके अतिरिक्त, समय पर ऋण चुकाने वाले किसान शीघ्र पुनर्भुगतान प्रोत्साहन (पीआरआई) के रूप में 3 प्रतिशत तक के प्रोत्साहन के पात्र होते हैं, जिससे केसीसी ऋण पर उनकी ब्याज दर प्रभावी रूप से 4 प्रतिशत तक कम हो जाती है।
बडवेल नेल्लोर फोर-लेन हाईवे को मंजूरी
यह हाईवे बडवेल-गोपरावम गांव (हृ॥-67) से लेकर गुरुविंदापुडी (हृ॥-16) तक बनेगा। इसकी कुल लंबाई: 108.134 किलोमीटर होगी। इस फोर लेन बनाने की कुल अनुमानित लागत: 3653.10 करोड़ रुपये आंकी गई है। बडवेल-नेल्लोर कॉरिडोर आंध्र प्रदेश के तीन प्रमुख औद्योगिक कॉरिडोरों से कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगा। यह कॉरिडोर कृष्णपट्टनम पोर्ट तक की यात्रा दूरी को 142 किमी से घटाकर 108.13 किमी कर देगा। परियोजना के माध्यम से लगभग 20 लाख मानव-दिनों का प्रत्यक्ष रोजगार और 23 लाख मानव-दिनों का अप्रत्यक्ष रोजगार उत्पन्न होगा।
आंध्र प्रदेश में 108 किलोमीटर लंबे फोर-लेन हाईवे परियोजना को मंजूरी
– परियोजना की लागत 3,653 करोड़
– क्चह्रञ्ज मॉडल पर विकसित किया जाएगा, रियायत अवधि 20 वर्ष
वर्धा-बल्लारशाह रेल लाइन विस्तार
– महाराष्ट्र में वर्धा से बल्लारशाह रेल मार्ग को दोहरीकरण की मंजूरी
– माल और यात्री यातायात की क्षमता को दोगुना करेगी
रतलाम-नागदा रेल परियोजना
– रतलाम-नागदा रेलवे लाइन पर चौथी लाइन बिछाने को मंजूरी
– परियोजना की लागत ?1,018 करोड़
– मध्य प्रदेश के रतलाम से नागदा तक 41 किलोमीटर लंबे रेलखंड को चार लाइन में बदला जाएगा
आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति ने भारतीय रेलवे में लाइन क्षमता बढ़ाने के लिए दो मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी। ताकि यात्रियों और माल दोनों का निर्बाध और तेज परिवहन सुनिश्चित किया जा सके। रतलाम-नागदा तीसरी और चौथी लाइन औऱ वर्धा- बल्हारशाह चौथी लाइन को मंजूरी मिली है। परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत 3,399 करोड़ रुपये (लगभग) है और इन्हें 2029-30 तक पूरा किया जाएगा।

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