sandeep kumar
हरिद्वार
जनपद हरिद्वार की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) द्वारा एक सराहनीय कार्य करते हुए एक लापता नाबालिग बालक को खोज कर उसे सकुशल उसके परिजनों को सुपुर्द किया गया। यह बालक उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से नाराज़ होकर बिना बताए ट्रेन से हरिद्वार आ गया था।
घटना दिनांक 27 मई 2025 की है, जब हरिद्वार रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर AHTU की टीम ने गश्त के दौरान एक 15 वर्षीय बालक को अकेले बैठे देखा। पूछताछ करने पर बालक ने बताया कि वह घर से नाराज़ होकर बिना किसी को बताए हरिद्वार आ गया है।
टीम द्वारा तत्काल बालक को रेस्क्यू कर CWC (बाल कल्याण समिति) के आदेशानुसार खुला आश्रय गृह, कनखल में सुरक्षित आश्रय दिलवाया गया। साथ ही एक विशेष टीम को बालक के परिजनों की तलाश के लिए रवाना किया गया।
बालक की काउंसलिंग के बाद बताए गए पते के अनुसार टीम द्वारा हरदोई में विभिन्न माध्यमों से जानकारी एकत्र की गई। कई प्रयासों के बाद आखिरकार बालक के पिता इदरीश से संपर्क स्थापित हो पाया। उन्होंने बताया कि उनका बेटा कई दिन पहले बिना बताए घर से चला गया था, जिसकी उन्होंने हर जगह तलाश की लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। हरिद्वार पुलिस से फोन आने पर ही उन्हें राहत मिली।
इसके पश्चात इदरीश हरदोई से हरिद्वार पहुंचे, जहाँ टीम ने बालक और उनके पिता को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया। समिति द्वारा उचित काउंसलिंग और विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद बालक को सकुशल उसके पिता की सुपुर्दगी में सौंप दिया गया।
इस कार्यवाही से एक परिवार को उनकी खोई हुई मुस्कान वापस मिली है। बालक के परिजनों ने उत्तराखंड पुलिस, विशेष रूप से AHTU हरिद्वार की टीम और सभी उच्चाधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट पुलिस टीम निरीक्षक विजय सिंह,ASI देवेंद्र कुमार,हे का0 राकेश कुमार,का0 दीपक चन्द, का0 मुकेश कुमार,म0 हेका0 सुरजीत कौर, म0 हेका0 बीना गोदियाल,मका0 शशिबाला,मका0 गीता में सम्मानित अधिकारीगण शामिल रहे।

