मेरठ-भोला मार्ग पर गांव पेपला के पास स्थित सरदार सिंह फिलिंग स्टेशन पेट्रोल पंप लूट की घटना में विभाग की ओर से बड़ी कार्रवाई कर दी गई है। एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने भोला चौकी प्रभारी सब इंस्पेक्टर अंकित सिंह चौहान और बीट कांस्टेबल मानवेंद्र को निलंबित कर विभागीय जांच बैठा दी है। साथ ही घटना का खुलासा करने के लिए तीन टीमें लगाई गई हैं। अभी तक बदमाशों का सुराग नहीं मिल सका है। सीसीटीवी फुटेज से पुलिस बदमाशों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
जानी थाना क्षेत्र अंतर्गत मेरठ-भोला मार्ग पर गांव पेपला निवासी कपिल चौधरी का सरदार सिंह फिलिंग स्टेशन नाम से पेट्रोल पंप है। पेट्रोल पंप पर सोमवार रात साढ़े नौ बजे के आसपास दो बाइकों पर सवार छह नकाबपोश बदमाश आए। तमंचे लिए बदमाशों ने पेट्रोल पंप पर मौजूद सेल्समैन राजू से रुपयों से भरा थैला लूटने का प्रयास किया।
विरोध करने पर बदमाशों ने राजू को पीटकर रुपयों से भरा बैग लूट लिया। लूटपाट कर भागते बदमाशों को शोर मचाते हुए पेट्रोल पंप के मैनेजर मोहित ने पैदल पीछा कर पकड़ने का प्रयास किया। जिसे देख बदमाशों ने मोहित पर गोली चलाई, लेकिन गोली मोहित को नहीं लगी। घटना की रिपोर्ट कपिल चौधरी की ओर से जानी थाने में दर्ज करवाई है।
मंगलवार को एसपी देहात राकेश कुमार मिश्रा और सीओ सरधना संजय जायसवाल ने मेरठ-भोला मार्ग पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज पुलिसकर्मियों के साथ देखे। बदमाशों की आने जाने की लोकेशन पता करने के लिए मेरठ-भोला मार्ग से गांवों को जाने वाले संपर्क मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी पुलिस देख रही है। एसपी देहात राकेश कुमार मिश्र ने बताया कि भोला चौकी प्रभारी और बीट कांस्टेबल के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। जल्द बदमाशों को गिरफ्तार कर वारदात का खुलासा किया जाएगा।
स्क्रैप व्यापारी से लूट की घटना फर्जी निकली
नेशनल हाईवे पर स्क्रैप व्यापारी अर्जुन से हुई लूट की घटना जांच के दौरान फर्जी निकली। अर्जुन के साथ ब्रेजा सवार युवकों ने मारपीट की थी। उसके 65 हजार रुपये कहीं पहले ही गुम हो गए थे। इसी कारण उसने लूट की झूठी सूचना पुलिस को दी थी।
शोभापुर में रह रहे अर्जुन ने सोमवार रात को हाईवे की चौकी पर पुलिस को लूट की सूचना दी थी। बताया था कि वह स्क्रैप व्यापारी है। मोदीनगर से एक व्यापारी से 65 हजार रुपये लेकर स्कूटी से आ रहा था। ब्रेजा कार सवार बदमाशों ने उससे 65 हजार रुपये लूट लिए।
जानकारी मिलने पर पुलिस ने जांच की। सीसीटीवी कैमरे देखे। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि जांच के दौरान लूट की सूचना फर्जी पाई गई। मामला मारपीट का था। व्यापारी के रुपये पहले ही कहीं गुम हो गए थे। इसलिए उसने लूट की झूठी सूचना दी थी।

