नई दिल्ली।
समावेशी ग्रामीण विकास को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए ग्रामीण विकास मंत्रालय ने हेल्पएज इंडिया (HelpAge India) के साथ दीनदयाल अंत्योदय योजना–राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के खाद्य, पोषण, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता (FNHW) फ्रेमवर्क के अंतर्गत वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल एवं कल्याण को सुदृढ़ करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए।
यह MoU मंत्रालय के अपर सचिव श्री टी. के. अनिल कुमार तथा हेल्पएज इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री रोहित प्रसाद द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों और बिहार, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, झारखंड एवं तमिलनाडु के राज्य प्रतिनिधियों की उपस्थिति में हस्ताक्षरित किया गया।
अपर सचिव श्री टी. के. अनिल कुमार ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों से जुड़ी चुनौतियों के समाधान के लिए समग्र, समुदाय-आधारित और अभिसरित दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है। उन्होंने नीति आयोग द्वारा सुझाए गए सुलभ, सतत और गरिमापूर्ण सामुदायिक देखभाल मॉडल के विकास पर जोर देते हुए राज्यों के अनुभवों से सीखने का आह्वान किया।
संयुक्त सचिव श्रीमती स्वाती शर्मा ने कहा कि यह पहल “लखपति दीदी” अभियान को भी मजबूती प्रदान करेगी, क्योंकि स्वस्थ एवं सक्षम महिलाएं ही आर्थिक सशक्तिकरण की आधारशिला हैं।
हेल्पएज इंडिया के सीईओ श्री रोहित प्रसाद ने बताया कि देश में विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में वरिष्ठ नागरिकों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिन्हें स्वास्थ्य, पोषण, गतिशीलता और सामाजिक अलगाव जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि हेल्पएज इंडिया के अनुभव और DAY-NRLM के व्यापक स्वयं सहायता समूह (SHG) नेटवर्क के संयोजन से इन समस्याओं के समाधान में प्रभावी सहयोग मिलेगा।
उप सचिव डॉ. मोनिका ने बताया कि FNHW फ्रेमवर्क के तहत स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से खाद्य, पोषण, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति जागरूकता और व्यवहार परिवर्तन में सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। अब इसी ढांचे के अंतर्गत वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल को प्राथमिकता दी जा रही है।
इस पहल के तहत DAY-NRLM के स्वयं सहायता समूहों और सामुदायिक संस्थाओं के नेटवर्क के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों के लिए सामुदायिक आधारित समाधान विकसित किए जाएंगे। सामाजिक समावेशन कार्यक्रमों के तहत सक्रिय वरिष्ठ नागरिक SHG इस पहल के लिए मजबूत आधार प्रदान करेंगे।
प्रारंभिक चरण में बिहार, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, झारखंड और तमिलनाडु में पायलट परियोजना लागू की जाएगी, जिसके आधार पर देशभर में लागू किए जाने योग्य मॉडल विकसित किया जाएगा।
इस पहल से वरिष्ठ नागरिकों को आश्रित के बजाय समाज के सक्रिय योगदानकर्ता के रूप में स्थापित करने, पेंशन और स्वास्थ्य सेवाओं तक उनकी पहुंच बढ़ाने तथा सामाजिक अलगाव को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। यह प्रयास “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य प्रत्येक वरिष्ठ नागरिक को गरिमा, सुरक्षा और समावेशन के साथ जीवन जीने का अवसर प्रदान करना है।

