हरिद्वार – गांव मिस्सरपुर में रविवार रात को एक हाथी (टस्कर) के घुसने से सात घंटे तक लोग दहशत में रहे। पूरी रात हाथी गांव में इधर-उधर दौड़ता रहा। वन विभाग, राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क समेत देहरादून से आई टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद हाथी को सुबह पौने पांच बजे गांव से बाहर निकाला। इस दौरान ग्रामीण दहशत में रहे।कनखल थाना क्षेत्र के गांव मिस्सरपुर के नजदीक खेतों में हाथी आए दिन गन्ने और गेहूं की फसलों को खाने आते रहते हैं। रविवार रात लगभग 10 बजे हाथियों का एक झुंड खेतों में पहुंचा। ग्रामीणों ने बड़ी मुश्किल से हाथियों को खेतों से भगाया। इस दौरान एक हाथी झुंड से अलग होकर गांव की ओर चला गया। गांव में घुसे हाथी की चिंघाड से महिलाएं और बच्चे घरों के अंदर कैद हो गये। बताया जा रहा है कि हाथी ने कुछ ग्रामीणों का पीछा भी किया, इस दौरान हाथी के हमले से बचकर भाग रहे अभिषेक चौहान और मोनू चौहान जमीन पर गिर गये। जिससे दोनों घायल हो गए। ग्रामीणों ने हाथी को भगाने का प्रयास किया। लेकिन हाथी गांव में ही इधर-उधर दौड़ता रहा।इसके बाद ग्रामीणों ने वनप्रभाग को सूचना दी। ग्रामीण राकेश सैनी, राजेश सैनी, पंकज चौहान, निगम सिंह, रमेश चौहान, दीपक, सुनील का आरोप है कि सूचना देने के दो घंटे बाद वनकर्मी मौके पर पहुंचे। वनकर्मियों के प्रयासों के बाद भी हाथी आबादी से नहीं निकाला। सूचना पर डीएफओ आकाश वर्मा और रेंजर सहित अन्य टीम भी मौके पर पहुंच गई। साथ ही वनकर्मियों की सूचना पर देहरादून से एक टीम बंदूकों के साथ गांव में पहुंची। राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क से भी कर्मचारी मौके पर पहुंचे। हाथी को भगाने के लिये कई राउंड हवाई फायरिंग की गई। वनकर्मियों व ग्रामीणों ने इकठ्ठा होकर सात घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद हाथी को गंगा की ओर भगाया। वन क्षेत्र अधिकारी दिनेश नौडियाल ने बताया हाथियों के गांव में प्रवेश की सूचना पर मौके पर टीम गई थी। बड़ी मुश्किल से हाथी को गांव से बाहर निकालकर जंगल की ओर भगाया गया।
हरिद्वार – गांव मिस्सरपुर में रविवार रात को एक हाथी (टस्कर) के घुसने से सात घंटे तक लोग दहशत में रहे। पूरी रात हाथी गांव में इधर-उधर दौड़ता रहा। वन विभाग, राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क समेत देहरादून से आई टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद हाथी को सुबह पौने पांच बजे गांव से बाहर निकाला। […]
