केंद्रीय बजट को लेकर उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने नाराजगी जताई है। पार्टी का कहना है कि यह बजट आर्थिक विवशताओं और राजनीतिक मजबूरियों का परिणाम है, न कि जनहितकारी निर्णय। कहा कि मध्यवर्ग को खास राहत नहीं मिली, जबकि कर छूट में भेदभाव साफ नजर आया। उद्योगपतियों को लाभ देने के बावजूद मध्यम वर्ग पर बोझ डाला गया। भ्रष्टाचार और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर सरकार की चुप्पी चिंता का विषय बनी हुई है। उत्तराखंड को बजट में पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया, जबकि बिहार को वित्तीय लाभ दिए गए। पर्वतीय राज्यों के लिए विशेष सहायता की जरूरत थी, लेकिन केंद्र ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने इस बजट को जनविरोधी करार देते हुए विशेष राहत पैकेज की मांग की है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने पुनर्विचार नहीं किया तो जनता सड़कों पर उतरकर विरोध करेगी।