लखनऊ
राजधानी लखनऊ के गाजीपुर थाना क्षेत्र में 25 मई को हुए सनसनीखेज फायरिंग कांड का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस हमले में मुरसलीन नामक युवक को चार गोलियां मारी गई थीं, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। आरोपियों की गिरफ्तारी लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट की गाजीपुर थाना पुलिस, स्वाट/सर्विलांस टीम अपराध शाखा और पूर्वी जोन की क्राइम टीम की संयुक्त कार्रवाई में की गई।घटना की शुरुआत उस समय हुई जब बाराबंकी निवासी असलम ने गाजीपुर थाने में तहरीर दी कि उसके भाई मुरसलीन पर जान से मारने की नीयत से कई युवकों ने एक राय होकर असलहों से फायरिंग की थी। फायरिंग से क्षेत्र में भगदड़ मच गई और आरोपित असलहा लहराते हुए मौके से फरार हो गए। पुलिस ने शिकायत के आधार पर गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की।तत्परता से की गई छानबीन के बाद पुलिस ने कल्याण अपार्टमेंट के पास से दो आरोपियों अरशल गाजी और फैज अली रिजवी को गिरफ्तार किया। दोनों के पास से एक काली स्कॉर्पियो (क्क32हृञ्ज8620) बरामद की गई, जिसका प्रयोग घटना में किया गया था। इसके अतिरिक्त एक देशी पिस्टल और एक जिन्दा कारतूस भी बरामद किया गया। जांच में सामने आया है कि हमले की पूरी साजिश पूर्व नियोजित थी, और आरोपियों ने हमले से पहले वाहन की नंबर प्लेट तक हटा दी थी।गिरफ्तार आरोपी अरशल ने पुलिस को बताया कि मुरसलीन उसका चचेरा साला है और उनके बीच पारिवारिक विवाद चल रहा था। इसी रंजिश में उन्होंने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर मुरसलीन को मारने की योजना बनाई। घटना के दिन उसने बाला जी पूरी की दुकान पर मुरसलीन को निशाना बनाकर चार गोलियां चलाईं। भीड़ इक_ा होने पर सभी आरोपी फरार हो गए।इस हमले में शामिल अन्य अभियुक्तों की पहचान फरमान, नदीम, समृद्धि, अनिमेष व अन्य के रूप में की गई है, जिनकी तलाश जारी है। पकड़े गए आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। फैज अली रिजवी के खिलाफ इंदिरानगर और विभूतिखंड थानों में हत्या, हत्या के प्रयास, गैंगस्टर एक्ट, धोखाधड़ी, एससी/एसटी एक्ट समेत आठ से अधिक गंभीर धाराओं में केस दर्ज हैं। वहीं अरशल गाजी पर भी वर्ष 2018 में मारपीट और धमकी का मामला दर्ज है। दिलचस्प बात यह है कि घायल मुरसलीन उर्फ मुस्लिम भी खुद एक आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है, जिस पर चिनहट और विभूतिखंड थानों में संगीन मुकदमे दर्ज हैं।गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को संबंधित धाराओं में जेल भेज दिया है। वहीं अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस इस मामले को आपसी रंजिश में हुई सुनियोजित साजिश के रूप में देख रही है, जिसमें अपराधियों ने हथियारों और वाहनों की पूरी तैयारी के साथ जानलेवा हमला किया।

