तेलअवीव
इजरायली सेना ने मध्य गाजा में एक हवाई हमला किया, जिसमें कथित तौर पर एक इस्लामिक जिहाद सदस्य को निशाना बनाया गया। इजरायल के अनुसार, यह हमला इजरायली सेना पर सुनियोजित हमले को रोकने के लिए किया था, जबकि युद्धविराम समझौता लागू था। प्रत्यक्षदर्शियों ने गाजा में एक कार पर ड्रोन हमला देखा।
वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमास को चेतावनी दी कि अगर हमास ने 7 अक्टूबर के हमलों में मारे गए बंधकों के शव तुरंत नहीं लौटाए, तब शांति प्रक्रिया खतरे में पड़ सकती है और उसके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। उन्होंने कहा कि हमास को 48 घंटों के भीतर शव (जिसमें दो अमेरिकी भी शामिल हैं) लौटाना होगा, अन्यथा महान शांति प्रक्रिया का हिस्सा बनने वाले अन्य देश कार्रवाई कर सकते है।
ट्रंप की चेतावनी के बाद मिस्र की एक तकनीकी टीम गाजा पहुंची है। यह टीम मारे गए 13 बंधकों के शवों को खोजने में मदद कर रही है। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस अभियान को व्यक्तिगत रूप से मंजूरी दी। यह टीम शवों की पहचान और स्थान खोजने के लिए काम कर रही है, और इजराइल तथा हमास दोनों से मिली जानकारी के आधार पर काम कर रही है। पहले इजराइल ने ऐसी टीम को अनुमति नहीं दी थी।
रिपोर्ट के अनुसार, इजराइल को विश्वास है कि हमास कम से कम 10 और शव लौटा सकता है, लेकिन जानबूझकर ऐसा नहीं कर रहा है, जो 9 अक्टूबर के युद्धविराम समझौते का उल्लंघन है। मध्यस्थ देशों के दबाव के बाद, हमास रविवार को दो और शव लौटाने पर विचार कर रहा है।

