निर्माण कार्यों के ठेकों में ऋषिकेश क्षेत्र के ठेकेदारों ने मनमानी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 10 करोड़ रुपये तक कार्यों में स्थानीय ठेकेदारों को प्राथमिकता का वादा किया है, लेकिन इसकी न तो कोई गाइडलाइन बनी है और न ही शर्तों में यहां के ठेकेदारों के लिए किसी तरह का बदलाव किया गया है। बुधवार को बस ट्रांजिट कंपाउंड स्थित प्रेस क्लब में वार्ता करते हुए ठेकेदार शीशपाल पोखरियाल ने कहा कि छोटे कार्यों को एक साथ जोड़कर बड़ा टेंडर किया जा रहा है, जिससे स्थानीय ठेकेदार इसमें प्रतिभाग में परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। 100 ठेकेदारों के काम को बड़ा कर दो ठेकेदारों को जारी कर दिया जा रहा है। बोले, स्थानीय ठेकेदारों को लेकर सरकार व अधिकारियों का रवैया बेहद उदासीन है, जिसके खिलाफ पूर्व में भी आंदोलन किया जा चुका है, लेकिन अभीतक स्थानीय ठेकेदारों को काम देने को लेकर कोई पहल नहीं की जा रही है। उन्होंने एआर मद से होने वाले कार्यों की चार-चार साल बाद भी पेमेंट नहीं होने का मुद्दा भी उठाया।
- उत्तराखंड
निर्माण कार्यों के ठेकों में मनमानी का आरोप
निर्माण कार्यों के ठेकों में ऋषिकेश क्षेत्र के ठेकेदारों ने मनमानी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 10 करोड़ रुपये तक कार्यों में स्थानीय ठेकेदारों को प्राथमिकता का वादा किया है, लेकिन इसकी न तो कोई गाइडलाइन बनी है और न ही शर्तों में यहां के ठेकेदारों के लिए किसी तरह […]
