• Home  
  • गंगा से ही सनातन की संस्कृति की पहचान
- उत्तराखंड

गंगा से ही सनातन की संस्कृति की पहचान

स्पर्श हिमालय विवि डोईवाला में बुधवार को आयोजित गंगा स्वच्छता संवाद में छात्र-छात्राओं को गंगा स्वच्छता के लिए जागरूक किया गया। इस मौके पर पर्यावरणविद डॉ. सच्चिदानंद भारती ने कहा कि भारतवर्ष देव नदी गंगा के नाम से जाना जाता है। हिमालय से निकलकर गंगा जिस स्थान पर भी गई, वहीं उसके निर्मल जल की […]

स्पर्श हिमालय विवि डोईवाला में बुधवार को आयोजित गंगा स्वच्छता संवाद में छात्र-छात्राओं को गंगा स्वच्छता के लिए जागरूक किया गया। इस मौके पर पर्यावरणविद डॉ. सच्चिदानंद भारती ने कहा कि भारतवर्ष देव नदी गंगा के नाम से जाना जाता है। हिमालय से निकलकर गंगा जिस स्थान पर भी गई, वहीं उसके निर्मल जल की प्रशंसा हुई। उत्तराखंड को देव भूमि का दर्जा दिया गया। इतना ही नहीं सागर में जहां गंगा नदी मिलती है, वहां भी सागर ने नतमस्तक होकर उसका स्वागत किया और उस जगह को गंगासागर नाम दिया गया। विश्व गंगा की वजह से ही सनातन की संस्कृति को पहचानता है, लेकिन वर्तमान समय में गंगा नदी में फैल रहा प्रदूषण चिंतनीय है। उन्होंने छात्र छात्राओं को गंगा स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। मौके पर कुलपति प्रो. काशीनाथ जैना, विश्वविद्यालय के प्राचार्य प्रो. अनिल कुमार झा, डॉ. साक्षी आदि उपस्थित रहे।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *