भूमि संरक्षण वन प्रभाग कालसी में तैनात दैनिक वेतन भोगी कर्मियों को पिछले 22 माह से वेतन नहीं मिला है। आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहे दैनिक कर्मचारियों ने सोमवार से वन विभाग के मुख्यालय में धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। कर्मचारियों का आरोप है कि अधिकारी दैनिक वेतनभोगी कर्मियों की उपेक्षा कर रहे हैं। दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष बबलू कुंवर ने कहा कि 22 माह से वेतन नहीं मिलने के कारण उनके सामने परिवार के पालन पोषण की समस्या पैदा हो गई है। स्कूल में फीस जमा नहीं होने से स्कूल प्रबंधन उनके बच्चों को परीक्षा में शामिल करने से मना कर रहे हैं, जिससे बच्चों के भविष्य पर भी खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी वेतन भोगी कर्मी किराए के आवास में रहते हैं। लंबे समय से किराया नहीं देने से उन पर मकान खाली करने का दबाव भी बन रहा है। कहा कि 22 माह से वेतन नहीं मिलने से कर्मचारियों के परिवारों के सामने सड़क पर आने की नौबत आ गई है। कई कर्मचारियों को दो वक्त की रोटी जुटाना भी मुश्किल हो गया है। विभागीय अधिकारियों को कई बार समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अधिकारी उनके साथ सौतेला व्यवहार कर रहे हैं। दैनिक वेतन भोगी कर्मियों की सुनवाई किसी भी स्तर पर नहीं हो रही है। कहा कि अधिकारियों की उपेक्षा से परेशान होकर दैनिक कर्मियों ने आंदोलन की राह चुनी है। कर्मचारियों ने कहा कि जब तक उन्हें वेतन का भुगतान नहीं होता है, तब तक वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे। कर्मचारियों ने विभाग को चेतावनी दी है कि वेतन का भुगतान न होने तक वह हड़ताल पर ही रहेंगे। धरना प्रदर्शन करने वालों में संघ के सचिव दीपक असवाल, गंभीर दास, दौलत सिंह, केशर नेगी, आनंद, करन, मोहन दास, राजू थापा, रेणू, पदमा, शीला देवी, मनोज, सोमपाल, ओमपाल, सतीश, मनोज कुमार, गोपाल आदि शामिल रहे।
- उत्तराखंड
22 माह से नहीं मिला दैनिक वेतन भोगी कर्मियों को वेतन, धरना-प्रदर्शन शुरू
भूमि संरक्षण वन प्रभाग कालसी में तैनात दैनिक वेतन भोगी कर्मियों को पिछले 22 माह से वेतन नहीं मिला है। आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहे दैनिक कर्मचारियों ने सोमवार से वन विभाग के मुख्यालय में धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। कर्मचारियों का आरोप है कि अधिकारी दैनिक वेतनभोगी कर्मियों की उपेक्षा कर […]
