ऋषिकेश
थानो स्थित लेखक गांव में शुक्रवार से दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय समुद्री सम्मेलन “आरोहण इंटरनेशनल मैरीटाइम कॉन्फ्रेंस 2026” का आगाज हुआ। इस सम्मेलन में सात देशों के 200 से अधिक प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। इनमें वैश्विक शिपिंग कंपनियों के अधिकारी, उद्योग विशेषज्ञ और नीति-निर्माता शामिल हैं। सम्मेलन का शुभारंभ पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री और लेखक गांव के संरक्षक डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने किया। उन्होंने कहा कि देहरादून अब अंतरराष्ट्रीय समुद्री संवाद का नया केंद्र बन रहा है और इस आयोजन से उत्तराखंड में निवेश व नवाचार के नए अवसर खुलेंगे। उन्होंने बताया कि सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य राज्य में शिपिंग कंपनियों की स्थापना को बढ़ावा देना और रोजगार के नए मौके पैदा करना है। कार्यक्रम के दौरान “देवभूमि समुद्र रत्न सम्मान” भी दिया जाएगा, जिसमें समुद्री क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित किया जाएगा। सम्मेलन का आयोजन इंटीग्रेटेड मैरीटाइम एक्सचेंज ने ‘शिपफिनेक्स’ और ‘जेमिनी ग्रुप’ के सहयोग से किया है। साथ ही आईसीएस मिडिल ईस्ट ब्रांच की ओर से एक अंतरराष्ट्रीय शिपिंग वर्कशॉप भी आयोजित की जा रही है। मुख्य वक्ता के रूप में पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के उप सचिव राजेश असाटी ने समुद्री क्षेत्र की चुनौतियों और संभावनाओं पर अपने विचार रखे। सम्मेलन में समुद्री व्यापार के कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हो रही है, जिनमें शिपिंग में एआई के उपयोग, मिडिल ईस्ट संकट का असर, एलपीजी और एलएनजी शिपिंग, पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, नाविकों के मानसिक स्वास्थ्य और उत्तराखंड में शिपिंग इकोसिस्टम के विकास की संभावनाएं शामिल हैं।

