महिलाओं के लिए शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने के साथ ही मानसिक रूप से मजबूत भी रहना भी बेहद जरूरी है। क्योंकि उन पर समाज में कई तरह की जिम्मेदारियां हैं। वो चाहे घर की हो या बाहर की। सभी जगह महिलाओं को खुद का साबित करना होता है। ये बात दून विवि की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल ने मंगलवार को दून विवि में देवेश्वरी वेलफेयर सोसायटी (ड्यूज़) की वर्षगांठ पर आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार में कही। सेमिनार का विषय ग्रामीण भारत में महिलाओं का स्वास्थ्य व्यवहार था। इस दौरान एम्स ऋषिकेश के ट्रॉमा सर्जन डॉ मधुर उनियाल मुख्य वक्ता रहे। संस्था के अध्यक्ष डॉ केसी पुरोहित ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। सचिव आवृत्ति पुरोहित पोखरियाल ने संस्था के दो वर्षों के कार्यों की रिपोर्ट प्रतुत की। मंच संचालन डॉ प्रांजलि पुरोहित भट्ट किया। इस दौरान स्वामी राम हिमालय यूनिवर्सिटी की डॉ रुचि जुयाल, अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा डा. कंचन देवरारी,संस्था के सदस्य वरुण पोखरियाल,डॉ योगेश धस्माना, प्रदीप भट्ट, पीएस रावत, अनुपमा खाली, डॉ हरेंद्र गुसाईं, डॉ जितेंद्र नेगी और डॉ सीएस तिवारी आदि मौजूद रहे।
- उत्तराखंड
महिलाओं की शारीरिक के साथ मानसिक मजबूती भी जरूरी
महिलाओं के लिए शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने के साथ ही मानसिक रूप से मजबूत भी रहना भी बेहद जरूरी है। क्योंकि उन पर समाज में कई तरह की जिम्मेदारियां हैं। वो चाहे घर की हो या बाहर की। सभी जगह महिलाओं को खुद का साबित करना होता है। ये बात दून विवि की कुलपति […]
